“Sophie Devine: New Zealand ki mahila cricket ki ‘Superwoman’”
न्यूज़ीलैंड की महिला क्रिकेट टीम की जब भी बात होती है, तो एक नाम सबसे पहले ज़ेहन में आता है – सोफी फ्रांसेस मोनिक डिवाइन (Sophie Frances Monique Devine)Sophie Devine । 1 सितंबर 1989 को जन्मीं सोफी डिवाइन न सिर्फ़ एक शानदार क्रिकेटर रही हैं बल्कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हॉकी से भी की थी। वो न्यूज़ीलैंड की महिला क्रिकेट टीम व्हाइट फर्न्स (White Ferns) और महिला हॉकी टीम ब्लैक स्टिक्स (Black Sticks Women) दोनों का हिस्सा रह चुकी हैं।
हालांकि बाद में उन्होंने क्रिकेट को ही अपना करियर चुना और आज वो दुनिया की सबसे खतरनाक ऑलराउंडर्स में गिनी जाती हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाज़ी, तेज़ गेंदबाज़ी और नेतृत्व क्षमता ने न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया।

शुरुआती जीवन और पढ़ाई
Sophie Devine का जन्म केनेपुरु हॉस्पिटल, पोरिरुआ, न्यूज़ीलैंड में हुआ। उनका बचपन वेलिंगटन के उत्तरी उपनगर तावा (Tawa) में बीता। छोटी उम्र से ही वो खेलों में बेहद सक्रिय थीं। उन्होंने मात्र चार साल की उम्र में क्रिकेट और हॉकी खेलना शुरू कर दिया था।
दिलचस्प बात यह है कि सोफी डिवाइन का सपना पहले एक ऑल ब्लैक (न्यूज़ीलैंड की पुरुष रग्बी टीम) बनने का था। लेकिन स्कूल के दिनों में ही उन्होंने क्रिकेट और हॉकी दोनों खेलों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाना शुरू कर दिया।
- तावा कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उन्होंने लड़कों की टीम में खेला।
- क्रिकेट के साथ-साथ उन्होंने तावा क्लब की प्रीमियर बॉयज़ हॉकी टीम में भी हिस्सा लिया।
- अपने स्कूल के अंतिम वर्ष में उन्हें सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज़ का अवॉर्ड मिला।
साल 2006 में उनके पिता की नौकरी बदलने के कारण परिवार क्राइस्टचर्च शिफ्ट हो गया। यहाँ उन्होंने रांगी रुरु गर्ल्स स्कूल से पढ़ाई पूरी की और फिर यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी से समाजशास्त्र (Sociology) में स्नातक की डिग्री हासिल की।
करियर की शुरुआत
Sophie Devine ने केवल 14 साल की उम्र में ही सीनियर महिला हॉकी और क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। क्रिकेट में उनका चयन बेहद जल्दी हो गया।
- 17 साल की उम्र में उन्हें न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम में जगह मिली।
- दिलचस्प बात यह है कि उन्हें टीम में चयन की खबर उस समय मिली जब वो स्कूल में होम इकोनॉमिक्स क्लास में थीं।
हॉकी से क्रिकेट की ओर सफर
सोफी ने न्यूज़ीलैंड की महिला हॉकी टीम (Black Sticks Women) के लिए भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेला। लेकिन कुछ साल बाद उन्होंने पूरी तरह से क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करने का फ़ैसला किया।
इस फ़ैसले ने उनके करियर की दिशा ही बदल दी और वो दुनिया की सबसे खतरनाक महिला क्रिकेटर्स में गिनी जाने लगीं।

क्रिकेट करियर की खास झलकियाँ
1. शुरुआती उपलब्धियाँ
- 2013 महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में उन्होंने वापसी करते हुए 145 रन की शतकीय पारी खेली।
- 2015 में भारत के ख़िलाफ़ मात्र 18 गेंदों पर अर्धशतक जमाकर उन्होंने महिला क्रिकेट का रिकॉर्ड बनाया।
2. कप्तानी का सफर
- जुलाई 2020 में उन्हें न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम की स्थायी कप्तान बनाया गया।
- उनकी कप्तानी में न्यूज़ीलैंड ने कई ऐतिहासिक जीत हासिल की।
3. रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन
- 2020 में उन्होंने लगातार 6 टी20 मैचों में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया।
- जनवरी 2021 में उन्होंने 36 गेंदों में शतक ठोककर महिला टी20 क्रिकेट का सबसे तेज़ शतक जमाया।
4. विश्व मंच पर चमक
- 2020 महिला टी20 विश्व कप में वो न्यूज़ीलैंड की सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी रहीं।
- 2022 में उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स में टीम का कप्तान नियुक्त किया गया।
- 2023 में उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) से महिला प्रीमियर लीग (WPL) खेली।
2024 विश्व कप की जीत
सितंबर 2024 में आयोजित ICC महिला टी20 विश्व कप न्यूज़ीलैंड के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। सोफी डिवाइन की कप्तानी में टीम ने पहली बार टी20 विश्व कप का खिताब जीता।
- भारत के ख़िलाफ़ ग्रुप स्टेज मैच में डिवाइन ने नाबाद 57 रन बनाए।
- उनके शानदार नेतृत्व और बल्लेबाज़ी के दम पर न्यूज़ीलैंड ने टूर्नामेंट अपने नाम किया।
यह जीत उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जाती है।
सम्मान और पुरस्कार
- 2017 – ICC महिला टी20 टीम ऑफ़ द ईयर में शामिल।
- 2019 – ANZ इंटरनेशनल महिला टी20 प्लेयर ऑफ़ द ईयर।
- 2020 – ICC महिला टी20I क्रिकेटर ऑफ़ द डिकेड के लिए नामांकित।
- 2025 – उन्हें क्रिकेट में योगदान के लिए न्यूज़ीलैंड ऑर्डर ऑफ़ मेरिट (ONZM) से सम्मानित किया गया।
Sophie Devine के अनोखे रिकॉर्ड्स
- सबसे तेज़ टी20I पचासा (18 गेंदों में)।
- लगातार 6 टी20I अर्धशतक लगाने वाली पहली खिलाड़ी (पुरुष या महिला)।
- एक ओवर में 32 रन ठोकने का रिकॉर्ड।
- ODI क्रिकेट में सबसे ज़्यादा 9 छक्के लगाने वाली पहली महिला खिलाड़ी।
- घरेलू सुपर स्मैश टूर्नामेंट में 36 गेंदों पर शतक बनाने वाली पहली महिला।
Sophie Devine की बैटिंग स्टाइल और खासियत
Sophie Devine अपनी आक्रामक बल्लेबाज़ी के लिए जानी जाती हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि वो बल्लेबाज़ी करते समय अक्सर हेलमेट नहीं पहनतीं, जो 21वीं सदी के क्रिकेट में बेहद दुर्लभ है।
उनका बल्लेबाज़ी अंदाज़ विरोधी गेंदबाज़ों पर हावी होने वाला है। वो शुरुआत से ही अटैकिंग क्रिकेट खेलती हैं और मैच का रुख़ पलटने की क्षमता रखती हैं।
साथ ही, वो एक उपयोगी मीडियम पेस गेंदबाज़ भी हैं जो किसी भी समय ब्रेकथ्रू दिला सकती हैं।
नेतृत्व क्षमता
डिवाइन सिर्फ़ एक बल्लेबाज़ या ऑलराउंडर नहीं, बल्कि एक बेहतरीन कप्तान भी हैं। उनकी कप्तानी में न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट टीम ने आत्मविश्वास के साथ बड़े टूर्नामेंट खेले।
उनके नेतृत्व में टीम ने 2024 का टी20 विश्व कप जीतकर इतिहास रचा।
निजी जीवन और व्यक्तित्व
मैदान पर आक्रामक दिखने वाली सोफी डिवाइन मैदान से बाहर बेहद सरल और ज़िंदादिल इंसान मानी जाती हैं।
- उन्हें बच्चों और युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करना पसंद है।
- उनका मानना है कि खेल केवल जीत-हार नहीं, बल्कि अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास सिखाता है।
निष्कर्ष
Sophie Devine का नाम महिला क्रिकेट इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। एक ऐसी खिलाड़ी जिसने बचपन में लड़कों के बीच खेलते हुए खुद को साबित किया और आगे चलकर पूरी दुनिया में अपनी धाक जमाई।
उनके रिकॉर्ड्स, कप्तानी और नेतृत्व ने न्यूज़ीलैंड क्रिकेट को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
सोफी डिवाइन आज सिर्फ़ न्यूज़ीलैंड ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की महिला क्रिकेटर्स के लिए प्रेरणा हैं।
नोट: यह जानकारी विकिपीडिया से ली गई है।

