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30 Nov 2025, Sun

ग्लोबल साउथ की एकता पर जोर: S. Jaishankar ने दी सामूहिक रणनीति और टेक्नोलॉजी सहयोग की सलाह

S. Jaishankar

ग्लोबल साउथ की एकता पर जोर: S. Jaishankar ने दी सामूहिक रणनीति और टेक्नोलॉजी सहयोग की सलाह

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भारतीय विदेश मंत्री S. Jaishankar ने ग्लोबल साउथ देशों को एक साझा मंच पर लाने और उनकी क्षमताओं का बेहतर उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों का समाधान केवल सामूहिक सहयोग से ही संभव है। जयशंकर के मुताबिक राजनीति, कूटनीति, विकास और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाकर ग्लोबल साउथ नई ऊंचाइयां हासिल कर सकता है।

इस महत्वपूर्ण बैठक में कुल 18 देशों ने हिस्सा लिया। इनमें सिंगापुर, इंडोनेशिया, नाइजीरिया, क्यूबा, चाड, जमैका, वियतनाम, मॉरीशस और मोरक्को जैसे देश शामिल थे। भारत की यह पहल ‘ग्लोबल साउथ की आवाज़’ को मज़बूत करने की उसकी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

मालदीव के विदेश मंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि ग्लोबल साउथ की असली ताकत उसकी एकता और सामूहिक कार्रवाई में है। उन्होंने समावेशी और टिकाऊ विकास को आगे बढ़ाने के लिए साझेदारी की प्रतिबद्धता भी जताई।

जयशंकर ने देशों को सलाह दी कि वे एक-दूसरे की उपलब्धियों और अनुभवों से सीख लें और सहयोग बढ़ाएं। उन्होंने खास तौर पर वैक्सीन उत्पादन, डिजिटल क्षमताओं, शिक्षा, कृषि पद्धतियों और लघु एवं मध्यम उद्योगों में सहयोग की संभावनाएं गिनाईं।

भविष्य की दिशा बताते हुए विदेश मंत्री ने जोर दिया कि ग्लोबल साउथ को उभरती प्रौद्योगिकियों, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे अवसरों पर ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय मंचों में सुधार के लिए भी एकजुट होकर प्रयास करने की अपील की।

जयशंकर ने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय मंचों का उपयोग कर देशों के बीच आपसी एकजुटता बनाई जा सकती है और यही कदम ग्लोबल साउथ को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत शक्ति के रूप में स्थापित करेगा।

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