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1 Dec 2025, Mon

गाजियाबाद हत्याकांड: पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर रची साजिश, एक लाख की सुपारी देकर कराई पति की हत्या

गाजियाबाद हत्याकांड

गाजियाबाद हत्याकांड: पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर रची साजिश, एक लाख की सुपारी देकर कराई पति की हत्या

गाजियाबाद के लिंक रोड थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। यहां लापता युवक के शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच की तो खुलासा हुआ कि युवक की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर की थी। इस वारदात में पत्नी ने अपने प्रेमी को एक लाख रुपये की सुपारी दी थी ताकि पति को रास्ते से हटाया जा सके। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो और आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।

गुमशुदगी से हत्या तक: कहानी का खुलासा

लिंक रोड थाना क्षेत्र के साहिबाबाद गांव में रहने वाले 34 वर्षीय योगेश की गुमशुदगी की रिपोर्ट 2 अक्टूबर को दर्ज कराई गई थी। योगेश मूल रूप से बिजनौर का रहने वाला था और वह पत्नी पूजा तथा दो बच्चों के साथ किराए के मकान में रह रहा था। परिवार सामान्य जीवन जी रहा था, लेकिन अंदर ही अंदर एक ऐसा तूफान पल रहा था, जिसने अंततः योगेश की जान ले ली।

पुलिस के अनुसार, 8 अक्टूबर को योगेश का शव पिलखुवा क्षेत्र के जंगलों में बरामद हुआ। शव की पहचान होते ही परिवार में कोहराम मच गया। योगेश के भाई बृजपाल सिंह ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा कि उसके भाई की हत्या, उसकी पत्नी पूजा और उसके प्रेमी आशीष ने मिलकर की है।

शादी के बाद बढ़ती दूरियां और प्रेम संबंधों की शुरुआत

पुलिस जांच में सामने आया कि योगेश और पूजा की शादी वर्ष 2013 में हुई थी और उनके दो छोटे बच्चे भी हैं। शुरू में सब कुछ सामान्य था, लेकिन धीरे-धीरे रिश्ते में दरारें आने लगीं। योगेश और पूजा के बीच आशीष नाम के एक व्यक्ति को लेकर अक्सर झगड़े होते थे। योगेश को शक था कि उसकी पत्नी का किसी और के साथ संबंध है, और इसी को लेकर घर में तनाव बना रहता था।

पुलिस के अनुसार, पूजा का संपर्क सबसे पहले सुखदेव नाम के एक व्यक्ति से हुआ था, जो कर्नाटक में एक टावर लगाने वाली कंपनी में काम करता था। वहीं, आशीष भी उसी कंपनी में कार्यरत था। लगभग दो साल पहले किसी कारणवश पूजा और सुखदेव के बीच अनबन हो गई। इसके बाद सुखदेव ने आशीष से कहा कि वह पूजा से बात करके सुलह करवाए। इसी दौरान आशीष और पूजा के बीच बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंधों में बदल गई

आशीष ने कुछ समय बाद कर्नाटक की नौकरी छोड़ दी और गाजियाबाद आ गया। यहां वह पूजा के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगा। इस दौरान दोनों ने योगेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई ताकि वे साथ रह सकें।

हत्या की साजिश और एक लाख की सुपारी

पुलिस के मुताबिक, पूजा और आशीष ने मिलकर योगेश की हत्या की साजिश रची। इसके लिए उन्होंने दो अन्य व्यक्तियों को शामिल किया और उन्हें एक लाख रुपये की सुपारी दी। योजना के मुताबिक, योगेश को घर से किसी बहाने बाहर बुलाया गया, जहां पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने उसकी हत्या कर दी।

हत्या के बाद शव को गाजियाबाद से दूर पिलखुवा के जंगल में फेंक दिया गया ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। कई दिनों तक योगेश का कोई सुराग नहीं मिला, लेकिन जब शव बरामद हुआ, तो मामला पलट गया।

पुलिस जांच में खुला राज

पुलिस ने जैसे ही जांच आगे बढ़ाई, योगेश की पत्नी के बयानों में विरोधाभास नज़र आया। मोबाइल कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने घटना की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। जल्द ही यह साफ हो गया कि पूजा और आशीष ने मिलकर यह हत्या की साजिश रची थी।

एसीपी साहिबाबाद श्वेता यादव ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो अन्य व्यक्ति, जिन्होंने हत्या में मदद की थी, अभी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

प्यार में अंधेपन ने मिटा दिया परिवार

यह मामला केवल एक अपराध की कहानी नहीं, बल्कि एक ऐसी त्रासदी है जिसने दो मासूम बच्चों को अनाथ कर दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूजा और आशीष के बीच इतना गहरा रिश्ता बन गया था कि दोनों ने योगेश को अपनी राह का कांटा समझ लिया।

आरोपियों ने स्वीकार किया कि योगेश अक्सर दोनों के रिश्ते को लेकर ताने देता था और उनसे बच्चों के भविष्य पर सवाल करता था। इससे नाराज़ होकर पूजा ने आशीष के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने का फैसला किया।

समाज के लिए चेतावनी बन गया मामला

गाजियाबाद का यह मामला समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े करता है — क्या रिश्तों में ईमानदारी और विश्वास खत्म होता जा रहा है? क्या आधुनिक जीवन की भागदौड़ में लोग अपने मूल्यों से दूर हो चुके हैं?

ऐसे कई अपराध सिर्फ व्यक्तिगत दुर्भावना या आवेश का परिणाम नहीं, बल्कि सामाजिक और मानसिक असंतुलन का भी संकेत हैं।

पुलिस की आगे की कार्रवाई

पुलिस अब हत्या में शामिल अन्य दो आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि हत्या के लिए दी गई सुपारी की रकम कहां से आई और किसने सुपारी किलर्स को संपर्क किया।

एसीपी श्वेता यादव ने कहा कि “यह एक सुनियोजित हत्या थी। इसमें शामिल हर व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोपी चाहे कोई भी हो, उन्हें कानून के तहत कठोर सजा दी जाएगी।”

अंतिम पड़ाव

एक साधारण परिवार की सुखद दिखने वाली जिंदगी के पीछे इतनी गहरी साजिश छिपी थी, इसका अंदाजा किसी को नहीं था। योगेश, जो दो बच्चों के पिता थे, अब नहीं हैं, और उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, पूजा और आशीष अब सलाखों के पीछे हैं — जहां उन्हें अपने कर्मों की सज़ा का इंतज़ार है।

यह मामला न सिर्फ अपराध की कहानी है, बल्कि एक चेतावनी है उस समाज के लिए जो रिश्तों की पवित्रता को भूलता जा रहा है। गाजियाबाद का यह हत्याकांड आने वाले वक्त में ऐसे रिश्तों की भयावहता का प्रतीक बन सकता है, जहां प्यार की जगह स्वार्थ और लालच ने ले ली है।

 

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