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1 Dec 2025, Mon

भूटान में सुबह-सुबह हिली धरती, 3.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज

भूटान में महसूस किए गए भूकंप के झटके (फोटो सोर्स- एनसीएस)

भूटान में सुबह-सुबह हिली धरती, 3.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज

भूटान में गुरुवार तड़के धरती हिली जब सुबह 4 बजकर 29 मिनट पर 3.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, इस भूकंप की गहराई केवल 5 किलोमीटर थी, जिसकी वजह से आफ्टरशॉक (आने वाले झटके) की आशंका जताई जा रही है।

इस साल का पहला झटका नहीं

यह भूटान में 2025 का पहला भूकंप नहीं है। इससे पहले 8 सितंबर को भी दो झटके महसूस किए गए थे। पहला भूकंप दोपहर 12:49 बजे 2.8 तीव्रता का था, जिसकी गहराई 10 किलोमीटर थी। वहीं, उसी दिन रात 11:15 बजे 4.2 तीव्रता का भूकंप भी आया, जिसने अलग-अलग इलाकों में लोगों को डरा दिया था।

क्यों खतरनाक होते हैं सतही भूकंप?

विशेषज्ञों के मुताबिक, सतह के पास यानी कम गहराई वाले भूकंप ज्यादा खतरनाक होते हैं। इनके झटके बहुत तेज़ी से जमीन पर पहुंचते हैं और नुकसान की संभावना बढ़ा देते हैं।

भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है भूटान

हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने की वजह से भूटान भूकंप के लिए सबसे संवेदनशील जगहों में गिना जाता है। एशियन डिजास्टर रिडक्शन सेंटर (ADRC) की रिपोर्ट के अनुसार, भूटान भारतीय भूकंपीय जोन IV और V में आता है, जो बेहद एक्टिव सीस्मिक ज़ोन माने जाते हैं। बीते वर्षों में आए भूकंपों ने साबित किया है कि यह देश प्राकृतिक आपदाओं के प्रति लगातार खतरे में रहता है।

सिर्फ भूकंप ही नहीं, और भी हैं खतरे

भूटान में भूकंप के अलावा अन्य प्राकृतिक आपदाओं का भी खतरा बना रहता है। ग्लेशियर झील फटना (Glacial Lake Outburst), भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, जंगल की आग और तेज़ हवाएं यहां आम हैं। 2011 और 2013 में आई तेज हवाओं ने हजारों घरों को नुकसान पहुंचाया था।

 

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