एकदिवसीय विश्व कप से पहले भारतीय महिला टीम का फोकस क्षेत्ररक्षण पर
भारतीय महिला क्रिकेट टीम 30 सितंबर से शुरू हो रहे एकदिवसीय विश्व कप की तैयारियों में जुटी हुई है। इस टूर्नामेंट के मुकाबले भारत और श्रीलंका के मैदानों में खेले जाएंगे। टीम अभ्यास के दौरान सबसे अधिक ध्यान क्षेत्ररक्षण सुधारने पर दे रही है। यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि हाल की घरेलू सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कमजोर क्षेत्ररक्षण की वजह से भारत को हार का सामना करना पड़ा था।
अभ्यास सत्र में दिखी कड़ी मेहनत
टीम ने अभ्यास सत्र की शुरुआत फुटबॉल वॉर्म-अप से की, जिससे खिलाड़ियों की चुस्ती और प्रतिक्रिया तेज हुई। इसके बाद खिलाड़ी कैच और थ्रो का अभ्यास करती दिखीं। अभ्यास सत्र का अधिकतर हिस्सा क्षेत्ररक्षण पर केंद्रित था, जिसमें खिलाड़ी नजदीक से स्टंप्स पर हिट करना, तेजी से पिक एंड थ्रो करना और गेंद को विकेटकीपर तक फास्ट देना शामिल था।
लक्ष्य: पहला खिताब
भारतीय महिला टीम दो बार की उपविजेता रही है और इस विश्व कप में अपना पहला खिताब जीतने का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरेगी। टीम का पहला मैच 30 सितंबर को भारत और श्रीलंका के बीच गुवाहाटी में खेला जाएगा। कोच और कप्तान का फोकस है कि क्षेत्ररक्षण में सुधार कर टीम की जीत की संभावना बढ़ाई जाए।
उम्मीदें और तैयारी
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारतीय टीम अपने क्षेत्ररक्षण को मजबूत बनाए रखती है, तो वह किसी भी टीम के खिलाफ मैच में दबदबा बना सकती है। फैंस को इस टूर्नामेंट में टीम की सशक्त प्रदर्शन और खिताब की उम्मीद है।

