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1 Dec 2025, Mon

दिल्ली के निजी संस्थान में स्वामी चैतन्यानंद पर छात्राओं से यौन शोषण का आरोप | FIR में खुलासा

स्वामी चैतन्यानंद

दिल्ली के निजी संस्थान में स्वामी चैतन्यानंद पर छात्राओं से यौन शोषण का आरोप, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

दिल्ली के एक प्रतिष्ठित निजी प्रबंधन संस्थान में यौन शोषण और छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। 62 वर्षीय स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती, जो खुद को आध्यात्मिक गुरु बताते हैं, पर आरोप हैं कि उन्होंने कई छात्राओं के साथ आपत्तिजनक व्यवहार किया। मामला साउथ दिल्ली के इस संस्थान में छात्रों की सुरक्षा और संस्थागत निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

एफआईआर में दर्ज गंभीर आरोप

एक छात्रा द्वारा दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) के अनुसार, स्वामी चैतन्यानंद ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) की छात्राओं को देर रात अपने निजी कक्ष में बुलाया और उन्हें विदेश यात्राओं के लिए मजबूर किया। आरोप है कि उन्होंने लड़कियों के हॉस्टल में सुरक्षा के नाम पर गुप्त कैमरे भी लगाए थे। एक छात्रा का नाम उसकी इच्छा के विरुद्ध बदलने के लिए भी दबाव डाला गया।

एफआईआर में बताया गया है कि स्वामी चैतन्यानंद छात्राओं को आपत्तिजनक टेक्स्ट संदेश भेजते थे और उनके रूप-रंग पर टिप्पणियां करते थे। इसके अलावा, उन्होंने छात्राओं को अपने निजी कक्ष में बुलाकर विभिन्न प्रकार के दबाव बनाए, जिससे उनके साथ यौन शोषण की घटनाएं हुईं।

कैसे हुआ खुलासा

प्राथमिकी के मुताबिक, पीड़ित छात्रा ने पहली बार स्वामी चैतन्यानंद और संस्थान के अध्यक्ष से पिछले साल संपर्क किया था। उस समय वह संस्थान में कुलाधिपति थे। हालांकि, शिकायत के बावजूद कथित शोषण की घटनाएं जारी रहीं। इस मामले ने संस्थान के भीतर सुरक्षा और छात्राओं के अधिकारों की कमी को उजागर किया।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

मामले में यह भी सामने आया कि छात्राओं के हॉस्टल में सुरक्षा के नाम पर लगाए गए गुप्त कैमरे उनके निजता के अधिकार का उल्लंघन करते थे। इस घटना ने शिक्षा संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा, विशेषकर लड़कियों की सुरक्षा, पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामले संस्थानों में निगरानी और जवाबदेही की कमी का संकेत हैं। कई बार छात्राओं को शिकायत दर्ज कराने में डर लगता है और ऐसे में शोषण करने वाले आरोपी बेखौफ रहते हैं।

दिल्ली पुलिस ने शुरू की जांच

दिल्ली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि वे सभी पक्षों से बयान लेने के साथ-साथ संस्थान के रिकॉर्ड और CCTV फुटेज की जांच करेंगे। आरोपी की गतिविधियों और छात्राओं से संपर्क के तरीकों की भी विस्तृत जांच की जाएगी।

समाज और शिक्षा जगत में प्रतिक्रिया

इस घटना ने न केवल संस्थान बल्कि पूरे समाज में चर्चा का विषय बना दिया है। छात्राओं और अभिभावकों ने संस्थान में सुरक्षा उपायों और जवाबदेही की मांग की है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में संस्थान की जिम्मेदारी बढ़ जाती है और उन्हें छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

डिग्री की धमकी और छात्राओं में डर

आगे इसमें जिक्र है कि स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती और उसके कुछ सहयोगियों की ओर से महिला छात्राओं का यौन उत्पीड़न एवं मानसिक उत्पीड़न किया गया. व्हाट्सऐप और एसएमएस के माध्यम से छात्राओं को अश्लील और आपत्तिजनक संदेश भेजे जाते थे. संदेशों या यौन आग्रहों का विरोध करने पर छात्राओं को डिग्री रोकने और दस्तावेज न देने की धमकियां दी जाती थीं. महिला छात्राओं में डर है. छात्राएं व्यक्तिगत रूप से सामने आने से डरती हैं और अपने जीवन के लिए खतरा महसूस कर रही हैं.

निष्कर्ष

स्वामी चैतन्यानंद पर लगे आरोप गंभीर हैं और यह मामला दिल्ली में शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा और छात्राओं के अधिकारों पर नए सवाल खड़े करता है। एफआईआर में दर्ज विवरणों के अनुसार, आरोपी ने छात्राओं के निजी जीवन में घुसपैठ की और उन्हें डराकर अपने वश में करने की कोशिश की। यह घटना यह साबित करती है कि केवल आध्यात्मिक या प्रतिष्ठित होने का दावा करने वाला व्यक्ति भी नियमों और कानून के दायरे में होना चाहिए।

दिल्ली पुलिस की जांच जारी है और जल्द ही मामले में आगे की कार्रवाई की जानकारी मिलने की संभावना है। इस बीच, छात्राओं और अभिभावकों की चिंता इस बात पर केंद्रित है कि संस्थान अपने छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए।

 

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