एशिया कप में भारत से करारी शिकस्त पर पाकिस्तान में मायूसी, वसीम अकरम ने जताई नाराज़गी
एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए हाई-वोल्टेज मुकाबले में पाकिस्तान को मिली करारी हार ने न सिर्फ प्रशंसकों को निराश किया, बल्कि टीम के दिग्गज पूर्व खिलाड़ियों को भी सदमे में डाल दिया। भारत के खिलाफ पाकिस्तान की कमजोर बल्लेबाज़ी और ढीली फील्डिंग का असर साफ दिखाई दिया।
वसीम अकरम का गुस्सा

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने टीम के प्रदर्शन पर कड़ी नाराज़गी जताई। उन्होंने साफ कहा कि
“पाकिस्तान को खेलते देखना भी अब मुश्किल हो गया है। एक पूर्व खिलाड़ी होने के नाते मैं जीत और हार दोनों समझता हूं, लेकिन टीम की यह हालत देखना बेहद निराशाजनक है।”
अकरम के मुताबिक, पाकिस्तान ने अच्छी शुरुआत के बावजूद 200 रन का आंकड़ा भी पार नहीं किया, जो उनकी सबसे बड़ी कमजोरी रही।
भारतीय टीम की दमदार ताकत
अकरम ने स्वीकार किया कि पिछले चार-पांच सालों से भारत हर क्षेत्र में पाकिस्तान से बेहतर साबित हुआ है। बल्लेबाज़ी हो, गेंदबाज़ी या फिर फील्डिंग – भारतीय टीम ने लगभग हर मुकाबले में बढ़त बनाए रखी है। उन्होंने कहा कि
- भारतीय खिलाड़ियों में प्रतिभा और गहराई है।
- उनकी बल्लेबाज़ी लाइनअप बेहद मजबूत है।
- गेंदबाज़ी और फील्डिंग भी टॉप लेवल की है।
इसके मुकाबले पाकिस्तान रन बनाने और कैच पकड़ने जैसे बुनियादी पहलुओं में भी नाकाम साबित हुआ।
कप्तान सलमान अल आगा का बचाव
हार के बाद पाकिस्तान के कप्तान सलमान अल आगा ने टीम का बचाव किया। उन्होंने कहा कि बल्लेबाज़ों ने पूरा प्रयास किया, लेकिन पावरप्ले में गेंदबाजों ने जिस तरह की खराब शुरुआत दी, उसका असर पूरे मैच पर पड़ा। हालांकि, उनका यह बयान प्रशंसकों और क्रिकेट पंडितों को संतुष्ट नहीं कर पाया।
फैंस में गुस्सा और निराशा
सोशल मीडिया पर पाकिस्तान फैंस ने अपनी टीम को जमकर ट्रोल किया। कई लोगों ने कहा कि जब तक टीम फील्डिंग और बल्लेबाज़ी के बुनियादी पहलुओं पर ध्यान नहीं देगी, तब तक भारत जैसी मज़बूत टीम को हराना नामुमकिन है।
निष्कर्ष
भारत-पाकिस्तान मैच हमेशा से क्रिकेट प्रेमियों के लिए रोमांचक रहे हैं, लेकिन इस बार भी भारत ने अपने शानदार प्रदर्शन से बाज़ी मार ली। वहीं पाकिस्तान की लगातार नाकामियां यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि आखिर टीम कब तक अपनी गलतियों से सबक लेगी। वसीम अकरम जैसे दिग्गजों की नाराज़गी इस बात का साफ संकेत है कि पाकिस्तान को अब टीम की रणनीति और फिटनेस पर गंभीरता से काम करना होगा।

